Train Ticket Timing Changed – ट्रेन से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। यदि आप भी पहले से ट्रेन टिकट बुक करके यात्रा की योजना बनाते हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। अब अग्रिम आरक्षण (Advance Reservation) की समय सीमा में बदलाव किया गया है, जिसका सीधा असर यात्रियों की प्लानिंग पर पड़ेगा।
Indian Railways ने टिकट बुकिंग से जुड़ा नया नियम लागू करते हुए एडवांस बुकिंग की समय सीमा 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दी है। यानी अब यात्री अपनी यात्रा की तारीख से केवल 60 दिन पहले तक ही टिकट बुक कर सकेंगे। आइए जानते हैं इस फैसले से जुड़े 7 बड़े बदलाव और उनका यात्रियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
1. एडवांस बुकिंग अवधि अब केवल 60 दिन
सबसे बड़ा बदलाव यही है कि पहले जहां यात्री चार महीने यानी 120 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते थे, अब यह समय घटाकर दो महीने यानी 60 दिन कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर आपकी यात्रा की तारीख 1 जून है, तो आप 1 अप्रैल से टिकट बुक कर पाएंगे, उससे पहले नहीं।
इस बदलाव का उद्देश्य सीटों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना और लंबी अवधि तक सीट ब्लॉक होने की समस्या को कम करना बताया जा रहा है। पहले कई लोग बहुत पहले टिकट बुक कर लेते थे और बाद में उसे रद्द कर देते थे, जिससे वास्तविक यात्रियों को परेशानी होती थी।
2. तत्काल टिकट बुकिंग समय में कोई बदलाव नहीं
इस नए नियम का असर केवल एडवांस रिजर्वेशन पीरियड पर पड़ा है। तत्काल टिकट बुकिंग की समय सीमा और प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी। यानी यात्रा से एक दिन पहले सुबह निर्धारित समय पर तत्काल टिकट बुक किए जा सकेंगे।
इसका मतलब है कि जिन यात्रियों को अचानक यात्रा करनी होती है, उनके लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे पहले की तरह तत्काल कोटा के तहत टिकट बुक कर सकेंगे।
3. पहले से बुक टिकट पर कोई असर नहीं
जो यात्री पहले ही 120 दिन की पुरानी व्यवस्था के तहत टिकट बुक कर चुके हैं, उनकी टिकटें वैध रहेंगी। नए नियम का असर केवल उन टिकटों पर पड़ेगा जो नियम लागू होने के बाद बुक की जाएंगी।
इससे यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपने पहले से लंबी दूरी की यात्रा के लिए टिकट ले रखा है, तो आपकी यात्रा बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी।
4. वेटिंग टिकट की स्थिति में सुधार की उम्मीद
नए नियम के लागू होने के बाद वेटिंग लिस्ट की स्थिति में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। पहले 120 दिन पहले टिकट खुलने पर भारी संख्या में बुकिंग हो जाती थी, जिससे वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती थी।
अब 60 दिन की सीमा होने से मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनने की संभावना है। इससे वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
5. एजेंट और दलालों पर लगाम
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से एजेंटों और दलालों की मनमानी पर भी रोक लगेगी। पहले कई एजेंट लंबी अवधि तक सीटें ब्लॉक कर देते थे और बाद में ऊंचे दामों पर टिकट उपलब्ध कराते थे।
60 दिन की सीमा होने से सीटें लंबे समय तक ब्लॉक नहीं रह पाएंगी, जिससे आम यात्रियों को फायदा मिलेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
6. त्योहारों और छुट्टियों की प्लानिंग में बदलाव
इस नियम का सबसे ज्यादा असर त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। पहले लोग त्योहारों से चार महीने पहले टिकट बुक कर लेते थे, लेकिन अब उन्हें दो महीने पहले ही बुकिंग करनी होगी।
इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना थोड़ी सटीक और समयबद्ध तरीके से बनानी होगी। जो लोग पहले से बहुत लंबी योजना बनाकर चलते थे, उन्हें अब अपने कैलेंडर के अनुसार 60 दिन की समयसीमा का ध्यान रखना होगा।
7. ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग पर समान नियम
नया नियम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की बुकिंग पर लागू होगा। चाहे आप रेलवे काउंटर से टिकट लें या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, एडवांस बुकिंग की अधिकतम सीमा 60 दिन ही रहेगी।
इससे सभी यात्रियों के लिए समान व्यवस्था लागू होगी और किसी भी माध्यम से अतिरिक्त लाभ लेने की संभावना समाप्त हो जाएगी।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
नए नियम के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, यात्रा की तारीख से ठीक 60 दिन पहले बुकिंग शुरू होने का समय नोट कर लें। जैसे ही बुकिंग विंडो खुले, तुरंत टिकट बुक करने की कोशिश करें, खासकर अगर आप लोकप्रिय रूट पर यात्रा कर रहे हैं।
इसके अलावा, अगर आपकी यात्रा निश्चित नहीं है, तो बिना जरूरत टिकट बुक करने से बचें। इससे अन्य यात्रियों को भी कन्फर्म टिकट मिलने में मदद मिलेगी।
क्या इस फैसले से यात्रियों को फायदा होगा?
यह बदलाव यात्रियों के हित में किया गया है या नहीं, इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यात्रियों का मानना है कि इससे टिकट की उपलब्धता बेहतर होगी और वेटिंग कम होगी। वहीं कुछ लोगों को लगता है कि लंबी अवधि की योजना बनाना अब थोड़ा कठिन हो जाएगा।
हालांकि, रेलवे का मानना है कि 60 दिन की अवधि पर्याप्त है और इससे टिकटों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। लंबी अवधि तक सीटें खाली रहने या अनावश्यक रूप से ब्लॉक होने की समस्या कम होगी।
निष्कर्ष
ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए टिकट बुकिंग नियमों में यह बड़ा बदलाव बेहद अहम है। 120 दिन से घटाकर 60 दिन की गई एडवांस बुकिंग सीमा यात्रियों की प्लानिंग शैली को जरूर प्रभावित करेगी, लेकिन इससे टिकट उपलब्धता और पारदर्शिता में सुधार की उम्मीद भी है।
अगर आप नियमित रूप से ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो नए नियम को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। समय पर बुकिंग करें, सही जानकारी रखें और आधिकारिक माध्यमों से ही टिकट लें। बदलते नियमों के साथ खुद को अपडेट रखना ही समझदारी है, ताकि आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
